राज्‍य शासन की अधिसूचना दिनांक 15/02/2011 द्वारा प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त कार्यालय की स्‍थापना की गई है। राजस्व विभाग के अधीन विभागाध्‍यक्ष प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त को निम्‍नानुसार अधिकार प्रत्‍यायो‍जित किए गए है –

    • तहसीलदार, नायब तहसीलदार स्‍थापना, सामान्‍य नियंत्रण, पदोन्‍नति, सेवानिृत्ति एवं स्‍थानान्‍तरण आदि ।

   • संभाग आयुक्त, कलेक्‍टर तथा तहसील कार्यालयों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की स्‍थापना ।

   • नजूल भूमि का संधारण

   • भू-अर्जन संबंधी कार्य

   • नगरीय भूमि सीमा अधिनियम

   • कृषि जोत उच्‍चतम सीमा अधिनियम,

   • व्‍यपवर्तन संबंधी कार्य

   • भू-राजस्‍व वसूली, भू-भाटक का निर्धारण,

   • संभागीय आयुक्‍त, जिला एवं तहसील कार्यालयों को बजट आवंटन एवं नियंत्रण ।

विभागाध्यक्ष होने के नाते प्रत्येक योजना के कार्य की समीक्षा आवश्यक निर्देशन कानूनी मामलों में मार्गदर्शन देते हुए सुनियोजित तथा सफलतापूर्वक कार्यक्रमों को चलाना प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त का प्रमुख कार्य है। प्रमुख राजस्‍व आयुक्‍त की सहायता के लिये संयुक्त राजस्‍व आयुक्त के तीन, उप राजस्‍व आयुक्‍त के तीन एवं सहायक राजस्‍व आयुक्‍त के छ: पद स्वीकृत हैं ।